निराला जी किस पत्र के संपादक, प्रूफरीडर और लेखक स्वयम थे
💐कछ नए और उपयोगी तथ्य जो गाइडों में नहीं मिलेंगे। किन्तु परीक्षा में आएंगे💐
💐राधेश्याम, जबरसिंह, रामलोचन पांडेय क्रमशः बुद्धि, भाग्य और भावना के प्रतीक के रूप में भगवती चरण वर्मा के किस उपन्यास में दिखाए गए हैं - सबहि नचावत राम गोसाईं
💐"मनुष्य अपना स्वामी नहीं है, विवश है। वह कर्ता नहीं है, वह केवल साधन है। फिर पुण्य और पाप कैसा?" कथन किस उपन्यास से है - चित्रलेखा
💐मरी स्थापना है कि साहित्य में शब्द उपकरण है, गति उसका आधार मूल तत्व है। - भगवती चरण वर्मा
💐भगवतीचरण वर्मा के किस उपन्यास में नियतिवाद स्पष्ट रूप में परिलक्षित होता है - धुप्पल
💐महादेवी का छायावाद शीर्षक निबन्ध किसका है - यशपाल
💐"हिंदी और उर्दू एक ही भाषा की, जिसका परम्परागत नाम हिंदी है, दो साहित्यिक शैलियां हैं" -यशपाल
💐दष्यंत और शकुंतला की परिचित कहानी को आधार बना यशपाल ने कौन सा उपन्यास लिखा - अप्सरा का शाप
💐"नारी का धर्म निर्वाण नहीं सृष्टि है" - दिव्या उपन्यास में
💐निराला जी किस पत्र के संपादक, प्रूफरीडर और लेखक स्वयम थे - रंगीला
💐बगाल के जमींदारों पर केंद्रित निराला का उपन्यास - चोटी की पकड़
💐राहुल सांस्कृत्यायन मूलतः ऐतिहासिक उपन्यासकार हैं।
💐राहुल जी का लघु उपन्यास 'कनैला की कथा' व्यक्ति केंद्रित न होकर स्थान केंद्रित है।
💐"सच्चा घुमक्कड़ धर्म जाति, देश-काल सारी सीमाओं से मुक्त होता है, वह सच्चे अर्थों में मानवता के प्रेम का उपासक होता है" - राहुल सांकृत्यायन जी
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