भारत की पंचवर्षीय योजनाएँ: पहली से 12वीं योजना तक पूरी सूची, उद्देश्य और विकास दर
भारत की पंचवर्षीय योजनाएँ: पहली से बारहवीं योजना तक पूर्ण विवरण, उद्देश्य, प्राथमिकताएँ और विकास दर
लेखक: आरव सोलंकी (Aarav Solanki)
Tathagat Help | भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सामान्य अध्ययन
भारत की आर्थिक विकास यात्रा को समझने के लिए पंचवर्षीय योजनाएँ (Five Year Plans) अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। स्वतंत्रता के बाद भारत ने सीमित संसाधनों, व्यापक गरीबी, खाद्यान्न संकट, बेरोजगारी, कमजोर औद्योगिक आधार और आधारभूत संरचना की कमी जैसी अनेक चुनौतियों का सामना किया। इन चुनौतियों से निपटने तथा देश के नियोजित आर्थिक विकास के लिए भारत ने 1951 में पंचवर्षीय योजना प्रणाली प्रारंभ की।
भारत में पहली पंचवर्षीय योजना 1951–56 में शुरू हुई और बारहवीं पंचवर्षीय योजना 2012–17 अंतिम पंचवर्षीय योजना रही। 2015 में Planning Commission के स्थान पर NITI Aayog की स्थापना हुई और पारंपरिक पंचवर्षीय योजना व्यवस्था आगे जारी नहीं रही। NITI Aayog के Planning Commission Archive में पहली से बारहवीं योजना तक के अनेक मूल दस्तावेज उपलब्ध हैं।
इस लेख में पहली से बारहवीं पंचवर्षीय योजना तक उनकी अवधि, उद्देश्य, प्रमुख प्राथमिकताएँ, विकास दर, महत्वपूर्ण घटनाएँ तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक तथ्यों को सरल भाषा में समझाया गया है।
पंचवर्षीय योजना क्या है?
पंचवर्षीय योजना एक ऐसी राष्ट्रीय आर्थिक योजना थी जिसमें लगभग पाँच वर्षों की अवधि के लिए देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लक्ष्य निर्धारित किए जाते थे।
इन योजनाओं में मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाता था:
- कृषि एवं सिंचाई
- उद्योग
- ऊर्जा
- परिवहन
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- रोजगार
- गरीबी उन्मूलन
- ग्रामीण विकास
- सामाजिक न्याय
- आधारभूत संरचना
- आर्थिक आत्मनिर्भरता
समय के साथ पंचवर्षीय योजनाओं की प्राथमिकताएँ भी बदलती गईं। शुरुआती योजनाओं में कृषि, सिंचाई और औद्योगीकरण पर जोर था, जबकि बाद की योजनाओं में गरीबी उन्मूलन, रोजगार, मानव विकास, उदारीकरण, समावेशी विकास और सतत विकास को अधिक महत्व दिया गया।
भारत की पंचवर्षीय योजनाएँ: एक नजर में
| योजना | अवधि | प्रमुख प्राथमिकता | लक्ष्य वृद्धि | वास्तविक वृद्धि* |
|---|---|---|---|---|
| पहली | 1951–56 | कृषि, सिंचाई | 2.1% | 3.5% |
| दूसरी | 1956–61 | भारी एवं आधारभूत उद्योग | 4.5% | 4.2% |
| तीसरी | 1961–66 | कृषि + उद्योग + आत्मनिर्भरता | 5.6% | 2.8% |
| वार्षिक योजनाएँ | 1966–69 | कृषि एवं स्थिरीकरण | — | 3.9% |
| चौथी | 1969–74 | स्थिरता एवं आत्मनिर्भरता | 5.7% | 3.2% |
| पाँचवीं | 1974–79 | गरीबी उन्मूलन एवं आत्मनिर्भरता | 4.4% | 4.7% |
| वार्षिक योजना | 1979–80 | आर्थिक स्थिरता | — | 5.2% |
| छठी | 1980–85 | गरीबी उन्मूलन, रोजगार, आधुनिकीकरण | 5.2% | 5.5% |
| सातवीं | 1985–90 | खाद्य, रोजगार, उत्पादकता | 5.0% | 5.6% |
| वार्षिक योजनाएँ | 1990–92 | आर्थिक संकट से निपटना | — | — |
| आठवीं | 1992–97 | उदारीकरण, रोजगार, मानव विकास | 5.6% | 6.5% |
| नौवीं | 1997–02 | सामाजिक न्याय एवं समानता | 6.5% | 5.5% |
| दसवीं | 2002–07 | तेज आर्थिक विकास एवं मानव विकास | 7.9% | 7.7% |
| ग्यारहवीं | 2007–12 | तेज एवं समावेशी विकास | 9.0% | लगभग 8% |
| बारहवीं | 2012–17 | तेज, समावेशी एवं सतत विकास | 8.0% | — |
नोट: विभिन्न राष्ट्रीय आय श्रृंखलाओं, आधार वर्ष तथा गणना-पद्धति के कारण कुछ पुराने स्रोतों में वास्तविक वृद्धि दर के आंकड़ों में मामूली अंतर मिल सकता है। ऊपर दी गई पहली से ग्यारहवीं योजना तक की growth-performance तालिका MoSPI की Planning Commission-based table के अनुरूप है। MoSPI में पहली योजना की realization 3.5%, दूसरी 4.2%, तीसरी 2.8%, चौथी 3.2%, पाँचवीं 4.7%, छठी 5.5%, सातवीं 5.6%, आठवीं 6.5%, नौवीं 5.5%, दसवीं 7.7% और ग्यारहवीं के लिए 9% target दिया गया है।
पहली पंचवर्षीय योजना (1951–1956)
मुख्य प्राथमिकता — कृषि एवं सिंचाई
स्वतंत्रता के समय भारत की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित थी। देश में खाद्यान्न की कमी, शरणार्थियों का पुनर्वास, महँगाई और सिंचाई सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएँ थीं।
इसलिए पहली योजना में सबसे अधिक ध्यान कृषि, सिंचाई, ऊर्जा और परिवहन पर दिया गया।
प्रमुख उद्देश्य
- खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना
- कृषि सुधार
- सिंचाई सुविधाओं का विस्तार
- शरणार्थियों का पुनर्वास
- मूल्य स्थिरता
- ग्रामीण विकास
- ऊर्जा एवं परिवहन का विकास
पहली पंचवर्षीय योजना को सामान्यतः Harrod-Domar Model से जोड़ा जाता है।
विकास दर
- लक्ष्य: 2.1%
- वास्तविक उपलब्धि: 3.5%
MoSPI की Planning Commission-based table में पहली योजना का लक्ष्य 2.1% और realization 3.5% दिया गया है।
याद रखने की ट्रिक
पहली योजना = कृषि 🌾
दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956–1961)
मुख्य प्राथमिकता — भारी उद्योग
दूसरी पंचवर्षीय योजना भारतीय आर्थिक नियोजन के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसे पी.सी. महालनोबिस मॉडल (P.C. Mahalanobis Model) से जोड़ा जाता है। इस योजना का उद्देश्य भारत में मजबूत औद्योगिक आधार तैयार करना था।
प्रमुख क्षेत्र
- भारी उद्योग
- इस्पात उद्योग
- मशीन निर्माण
- सार्वजनिक क्षेत्र
- औद्योगिक आधारभूत संरचना
प्रमुख इस्पात संयंत्र
दूसरी योजना के दौरान प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों के विकास को विशेष महत्व मिला, जिनमें शामिल हैं:
- भिलाई
- राउरकेला
- दुर्गापुर
दूसरी योजना में तीव्र औद्योगीकरण तथा भारी और आधारभूत उद्योगों को प्राथमिकता दी गई।
विकास दर
- लक्ष्य: 4.5%
- वास्तविक उपलब्धि: 4.2%
याद रखने की ट्रिक
दूसरी योजना = महालनोबिस + भारी उद्योग 🏭
तीसरी पंचवर्षीय योजना (1961–1966)
मुख्य लक्ष्य — आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था
तीसरी योजना का उद्देश्य भारत को ऐसी अर्थव्यवस्था की ओर ले जाना था जो अधिक आत्मनिर्भर हो और स्वयं-स्फूर्त विकास करने में सक्षम बने।
इसमें कृषि और उद्योग दोनों को महत्व दिया गया।
प्रमुख प्राथमिकताएँ
- कृषि उत्पादन
- उद्योग
- आत्मनिर्भरता
- रोजगार
- निर्यात क्षमता
लेकिन इस योजना को गंभीर आर्थिक और राजनीतिक झटकों का सामना करना पड़ा।
प्रमुख घटनाएँ
- 1962 — भारत-चीन युद्ध
- 1965 — भारत-पाकिस्तान युद्ध
- 1965–66 — गंभीर सूखा
इन परिस्थितियों के कारण योजना के निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं हो सके।
विकास दर
- लक्ष्य: 5.6%
- वास्तविक उपलब्धि: 2.8%
याद रखने की ट्रिक
तीसरी योजना = कृषि + उद्योग + आत्मनिर्भरता
1966–1969: तीन वार्षिक योजनाएँ और Plan Holiday
तीसरी योजना की अपेक्षाकृत कमजोर उपलब्धि, खाद्यान्न संकट, महँगाई और आर्थिक कठिनाइयों के कारण चौथी पंचवर्षीय योजना तुरंत शुरू नहीं की गई।
1966 से 1969 के बीच तीन वार्षिक योजनाएँ लागू की गईं। इस अवधि को सामान्यतः Plan Holiday कहा जाता है।
मुख्य जोर
- कृषि
- खाद्यान्न उत्पादन
- सिंचाई
- उर्वरक
- उच्च उपज वाले बीज
- कृषि तकनीक
इसी अवधि में कृषि क्षेत्र में नई रणनीति ने आगे चलकर हरित क्रांति के लिए आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
MoSPI की तालिका में 1966–69 की Annual Plan अवधि की वास्तविक वृद्धि 3.9% दी गई है।
चौथी पंचवर्षीय योजना (1969–1974)
मुख्य विचार — Growth with Stability and Self-Reliance
चौथी योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि नहीं था। इसमें आर्थिक स्थिरता तथा आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रमुख उद्देश्य
- आर्थिक विकास
- आर्थिक स्थिरता
- आत्मनिर्भरता
- आर्थिक असमानता कम करना
- कृषि एवं उद्योग का विकास
विकास दर
- लक्ष्य: 5.7%
- वास्तविक उपलब्धि: 3.2%
महत्वपूर्ण घटना
1969 में प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ।
परीक्षा ट्रिक
4th = Stability + Self-Reliance
पाँचवीं पंचवर्षीय योजना (1974–1979)
मुख्य विचार — गरीबी उन्मूलन और आत्मनिर्भरता
पाँचवीं योजना में गरीबी उन्मूलन और आत्मनिर्भरता प्रमुख उद्देश्य बने।
प्रमुख उद्देश्य
- गरीबी कम करना
- रोजगार बढ़ाना
- आत्मनिर्भरता
- आय की असमानता कम करना
- आर्थिक विकास
विकास दर
- लक्ष्य: 4.4%
- वास्तविक उपलब्धि: 4.7%
महत्वपूर्ण तथ्य
पाँचवीं योजना मूल रूप से 1974–79 के लिए थी, लेकिन 1978 में सरकार द्वारा इसे समय से पहले समाप्त कर दिया गया।
इसलिए कुछ पुस्तकों में इसकी अवधि 1974–78 भी दिखाई देती है। परीक्षा के लिए यह अंतर ध्यान रखना उपयोगी है।
याद रखने की ट्रिक
5th = Poverty Removal + Self-Reliance
Rolling Plan (1978–1980)
जनता सरकार के समय पारंपरिक पाँच वर्षीय योजना के स्थान पर Rolling Plan की अवधारणा अपनाई गई।
Rolling Plan में बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार योजनाओं और लक्ष्यों को समय-समय पर संशोधित करने की अवधारणा थी।
1980 में सरकार बदलने के बाद Rolling Plan समाप्त हुआ और छठी पंचवर्षीय योजना शुरू हुई।
महत्वपूर्ण: Rolling Plan और 1979–80 की Annual Plan को एक ही चीज नहीं समझना चाहिए। MoSPI की योजना तालिका 1979–80 को Annual Plan के रूप में अलग दिखाती है।
छठी पंचवर्षीय योजना (1980–1985)
मुख्य प्राथमिकताएँ
- गरीबी उन्मूलन
- रोजगार
- आर्थिक विकास
- आधुनिकीकरण
- तकनीकी विकास
- ऊर्जा
- आधारभूत संरचना
विकास दर
- लक्ष्य: 5.2%
- वास्तविक उपलब्धि: 5.5%
याद रखने की ट्रिक
6th = Poverty + Employment + Modernisation
सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985–1990)
मुख्य Theme — Food, Work and Productivity
सातवीं योजना को तीन महत्वपूर्ण शब्दों से याद किया जा सकता है:
Food, Work and Productivity
अर्थात:
- खाद्य उत्पादन
- रोजगार
- उत्पादकता
अन्य प्राथमिकताएँ
- कृषि विकास
- औद्योगिक विकास
- रोजगार
- तकनीकी विकास
- सामाजिक न्याय
विकास दर
- लक्ष्य: 5.0%
- वास्तविक उपलब्धि: 5.6%
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7th = Food + Work + Productivity
1990–1992: वार्षिक योजनाएँ
1990 के बाद राजनीतिक अस्थिरता और गंभीर आर्थिक संकट के कारण आठवीं पंचवर्षीय योजना में विलंब हुआ।
इस अवधि में वार्षिक योजनाएँ लागू हुईं।
भारत को इसी दौर में गंभीर Balance of Payments Crisis (भुगतान संतुलन संकट) का सामना करना पड़ा और 1991 में आर्थिक सुधारों की शुरुआत हुई।
MoSPI की योजना-संबंधी तालिकाएँ 1990–91 और 1991–92 को Annual Plan वर्षों के रूप में दर्ज करती हैं।
आठवीं पंचवर्षीय योजना (1992–1997)
आर्थिक उदारीकरण के बाद की पहली पंचवर्षीय योजना
आठवीं योजना का महत्व इसलिए बहुत अधिक है क्योंकि यह 1991 के आर्थिक सुधारों और उदारीकरण के बाद की पहली पंचवर्षीय योजना थी।
प्रमुख प्राथमिकताएँ
- आर्थिक उदारीकरण
- निजी क्षेत्र की भूमिका
- रोजगार
- मानव विकास
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- आर्थिक वृद्धि
विकास दर
- लक्ष्य: 5.6%
- वास्तविक उपलब्धि: 6.5%
याद रखने की ट्रिक
8th = Liberalisation + Growth
नौवीं पंचवर्षीय योजना (1997–2002)
मुख्य विचार — सामाजिक न्याय के साथ विकास
नौवीं योजना में आर्थिक विकास के साथ सामाजिक न्याय और समानता को महत्व दिया गया।
प्रमुख उद्देश्य
- सामाजिक न्याय
- समानता
- गरीबी उन्मूलन
- कृषि विकास
- ग्रामीण विकास
- रोजगार
- मानव विकास
विकास दर
- लक्ष्य: 6.5%
- वास्तविक उपलब्धि: 5.5%
याद रखने की ट्रिक
9th = Social Justice + Equality
दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002–2007)
मुख्य लक्ष्य — तेज आर्थिक विकास और मानव विकास
दसवीं योजना में तेज आर्थिक विकास के साथ सामाजिक विकास को मापने योग्य लक्ष्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
प्रमुख लक्ष्य
- आर्थिक वृद्धि
- गरीबी में कमी
- रोजगार
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- पेयजल
- लैंगिक समानता
- सामाजिक विकास
इस योजना में 11 Monitorable Targets विशेष रूप से महत्वपूर्ण थे।
विकास दर
- लक्ष्य: 7.9%
- वास्तविक उपलब्धि: 7.7%
याद रखने की ट्रिक
10th = लगभग 8% Growth + 11 Monitorable Targets
ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना (2007–2012)
मुख्य Theme — Faster and More Inclusive Growth
ग्यारहवीं योजना का प्रमुख Theme था:
Faster and More Inclusive Growth
अर्थात:
तेज और अधिक समावेशी विकास।
अब केवल GDP बढ़ाना पर्याप्त नहीं माना गया। विकास का लाभ समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक पहुँचाना भी महत्वपूर्ण लक्ष्य बना।
प्रमुख क्षेत्र
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- कृषि
- रोजगार
- कौशल विकास
- महिला एवं बाल विकास
- सामाजिक समावेशन
- आधारभूत संरचना
विकास दर
- लक्ष्य: 9.0%
- वास्तविक उपलब्धि: लगभग 8%
MoSPI की Planning Commission-based table में ग्यारहवीं योजना के लिए 9% growth target दर्ज है; वास्तविक उपलब्धि के संदर्भ में स्रोत-श्रृंखला और उपलब्ध वार्षिक आंकड़ों के कारण सावधानीपूर्वक wording उपयोग करना उचित है।
याद रखने की ट्रिक
11th = Faster + Inclusive
बारहवीं पंचवर्षीय योजना (2012–2017)
भारत की अंतिम पंचवर्षीय योजना
बारहवीं पंचवर्षीय योजना भारत की अंतिम पंचवर्षीय योजना थी।
इसका व्यापक दृष्टिकोण था:
Faster, More Inclusive and Sustainable Growth
अर्थात:
तेज विकास + अधिक समावेशी विकास + सतत विकास
NITI Aayog के Planning Commission Archive में Twelfth Five Year Plan के आधिकारिक दस्तावेज इसी Theme के साथ उपलब्ध हैं।
प्रमुख क्षेत्र
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- रोजगार
- कौशल विकास
- कृषि
- आधारभूत संरचना
- ऊर्जा
- पर्यावरण
- स्वच्छता
- सामाजिक समावेशन
विकास लक्ष्य
बारहवीं योजना के लिए प्रारंभिक दृष्टिकोण में 9% औसत वार्षिक GDP growth का लक्ष्य रखा गया था। बाद में आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए लक्ष्य को 8% किया गया। आधिकारिक Twelfth Plan documentation में 8% average annual growth target दर्ज है।
याद रखने की ट्रिक
12th = Faster + Inclusive + Sustainable
पंचवर्षीय योजनाओं की विकास दर — परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े
MoSPI की Planning Commission-based growth-performance table के अनुसार:
| योजना | लक्ष्य | वास्तविक उपलब्धि |
| पहली | 2.1% | 3.5% |
| दूसरी | 4.5% | 4.2% |
| तीसरी | 5.6% | 2.8% |
| चौथी | 5.7% | 3.2% |
| पाँचवीं | 4.4% | 4.7% |
| छठी | 5.2% | 5.5% |
| सातवीं | 5.0% | 5.6% |
| आठवीं | 5.6% | 6.5% |
| नौवीं | 6.5% | 5.5% |
| दसवीं | 7.9% | 7.7% |
| ग्यारहवीं | 9.0% | लगभग 8% |
MoSPI की तालिका यह भी स्पष्ट करती है कि पहली तीन योजनाओं के growth targets National Income के संदर्भ में थे, जबकि बाद की योजनाओं में अलग राष्ट्रीय आय/GDP measures का उपयोग हुआ। इसलिए विभिन्न पुस्तकों में कुछ आंकड़ों में मामूली अंतर मिल सकता है।
पंचवर्षीय योजनाएँ याद करने की सबसे आसान ट्रिक
पूरी श्रृंखला को इस प्रकार याद करें:
- 🌾 1 — कृषि
- 🏭 2 — उद्योग
- 🌾🏭 3 — कृषि + उद्योग + आत्मनिर्भरता
- ⚖️ 4 — स्थिरता + आत्मनिर्भरता
- 👨👩👧 5 — गरीबी उन्मूलन
- 📈 6 — गरीबी + रोजगार + आधुनिकीकरण
- 🍚 7 — Food + Work + Productivity
- 💼 8 — उदारीकरण
- ⚖️ 9 — सामाजिक न्याय
- 🚀 10 — तेज विकास + 11 Monitorable Targets
- 🤝 11 — समावेशी विकास
- 🌱 12 — सतत एवं समावेशी विकास
One-Line Revision Trick
कृषि → उद्योग → आत्मनिर्भरता → स्थिरता → गरीबी → आधुनिकीकरण → खाद्य/रोजगार → उदारीकरण → सामाजिक न्याय → तेज विकास → समावेशी विकास → सतत विकास
भारत में पंचवर्षीय योजना प्रणाली क्यों समाप्त हुई?
बारहवीं पंचवर्षीय योजना 2012–17 के बाद पारंपरिक पंचवर्षीय योजना प्रणाली आगे जारी नहीं रही।
1 जनवरी 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के संकल्प के माध्यम से NITI Aayog का गठन किया गया। NITI Aayog ने Planning Commission की जगह एक policy think tank के रूप में कार्य करना शुरू किया। इसका उद्देश्य दीर्घकालिक रणनीतियों, नीतियों और कार्यक्रमों के लिए policy inputs देना तथा Centre और States के बीच cooperative federalism को बढ़ावा देना है।
NITI Aayog के Planning Commission Archive में पुरानी पंचवर्षीय योजनाओं के मूल दस्तावेज आज भी उपलब्ध हैं।
इस प्रकार भारत की नियोजन व्यवस्था में पारंपरिक fixed five-year planning से अधिक flexible, strategic और long-term policy approach की ओर परिवर्तन हुआ।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 20 महत्वपूर्ण तथ्य
- भारत की पहली पंचवर्षीय योजना कब शुरू हुई?
— 1951 में। - पहली पंचवर्षीय योजना की अवधि क्या थी?
— 1951–1956। - पहली योजना में किस क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता मिली?
— कृषि और सिंचाई। - दूसरी योजना किस मॉडल से जुड़ी है?
— पी.सी. महालनोबिस मॉडल। - दूसरी योजना की प्राथमिकता क्या थी?
— भारी एवं आधारभूत उद्योग। - तीसरी योजना का मुख्य लक्ष्य क्या था?
— आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था। - Plan Holiday किस अवधि को कहा जाता है?
— 1966–1969। - पाँचवीं योजना का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
— गरीबी उन्मूलन और आत्मनिर्भरता। - Rolling Plan किस अवधि में लागू हुआ?
— 1978–1980। - सातवीं योजना के तीन प्रमुख शब्द क्या थे?
— Food, Work and Productivity। - आठवीं योजना किस महत्वपूर्ण आर्थिक घटना के बाद आई?
— 1991 के आर्थिक सुधारों और उदारीकरण के बाद। - नौवीं योजना का मुख्य विचार क्या था?
— सामाजिक न्याय और समानता के साथ विकास। - दसवीं योजना का growth target क्या था?
— 7.9%। - दसवीं योजना की वास्तविक growth उपलब्धि क्या थी?
— 7.7%। - दसवीं योजना में कितने Monitorable Targets थे?
— 11। - ग्यारहवीं योजना का Theme क्या था?
— Faster and More Inclusive Growth। - बारहवीं योजना का Theme क्या था?
— Faster, More Inclusive and Sustainable Growth। - भारत की अंतिम पंचवर्षीय योजना कौन-सी थी?
— बारहवीं पंचवर्षीय योजना। - बारहवीं योजना की अवधि क्या थी?
— 2012–2017। - Planning Commission के स्थान पर कौन-सी संस्था बनी?
— NITI Aayog।
Frequently Asked Questions (FAQ)
भारत की पहली पंचवर्षीय योजना कब शुरू हुई?
भारत की पहली पंचवर्षीय योजना 1951 में शुरू हुई और 1956 तक चली। इसका मुख्य जोर कृषि, सिंचाई, ऊर्जा, परिवहन और आर्थिक स्थिरता पर था।
भारत की दूसरी पंचवर्षीय योजना किससे संबंधित है?
दूसरी पंचवर्षीय योजना पी.सी. महालनोबिस मॉडल और भारी औद्योगीकरण से संबंधित है।
किस पंचवर्षीय योजना में कृषि को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई?
पहली पंचवर्षीय योजना में कृषि और सिंचाई को प्रमुख प्राथमिकता दी गई।
किस योजना को महालनोबिस योजना कहा जाता है?
दूसरी पंचवर्षीय योजना को महालनोबिस योजना कहा जाता है।
Plan Holiday क्या था?
1966–69 की अवधि में तीन वार्षिक योजनाएँ लागू की गईं। इस अवधि को सामान्यतः Plan Holiday कहा जाता है।
गरीबी हटाओ किस पंचवर्षीय योजना से संबंधित है?
पाँचवीं पंचवर्षीय योजना गरीबी उन्मूलन और आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से विशेष रूप से जुड़ी है।
Rolling Plan क्या था?
Rolling Plan एक ऐसी योजना प्रणाली थी जिसमें लक्ष्यों और योजनाओं को बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार संशोधित किया जा सकता था। भारत में इसे मुख्यतः 1978–80 के दौरान अपनाया गया।
आठवीं पंचवर्षीय योजना क्यों महत्वपूर्ण है?
आठवीं पंचवर्षीय योजना 1991 के आर्थिक सुधारों और उदारीकरण के बाद की पहली पंचवर्षीय योजना थी।
ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का मुख्य Theme क्या था?
Faster and More Inclusive Growth — तेज और अधिक समावेशी विकास।
बारहवीं पंचवर्षीय योजना का मुख्य Theme क्या था?
Faster, More Inclusive and Sustainable Growth — तेज, अधिक समावेशी और सतत विकास।
भारत की अंतिम पंचवर्षीय योजना कौन-सी थी?
बारहवीं पंचवर्षीय योजना (2012–17) भारत की अंतिम पंचवर्षीय योजना थी।
क्या भारत में अभी पंचवर्षीय योजनाएँ चल रही हैं?
नहीं। बारहवीं पंचवर्षीय योजना के बाद पारंपरिक पंचवर्षीय योजना प्रणाली जारी नहीं रही। Planning Commission के स्थान पर 1 जनवरी 2015 को NITI Aayog का गठन किया गया, जो नीति संबंधी inputs, long-term strategies और cooperative federalism पर केंद्रित है।
UGC NET, UPSC, MPPSC और अन्य परीक्षाओं के लिए निष्कर्ष
पंचवर्षीय योजनाओं का अध्ययन केवल उनके वर्षों को याद करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। इनके माध्यम से भारत की आर्थिक सोच और विकास नीति के क्रमिक परिवर्तन को समझना अधिक महत्वपूर्ण है।
भारत की नियोजन यात्रा को मोटे तौर पर इस प्रकार समझा जा सकता है:
कृषि प्रधान विकास → औद्योगीकरण → आत्मनिर्भरता → गरीबी उन्मूलन → रोजगार → आर्थिक उदारीकरण → सामाजिक न्याय → तेज विकास → समावेशी विकास → सतत विकास
यही परिवर्तन भारत की आर्थिक नियोजन व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है।
आधिकारिक संदर्भ
Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI)
MoSPI की Planning Commission-based growth-performance table में पहली से ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना तक लक्ष्य और वास्तविक उपलब्धि के आंकड़े दिए गए हैं।
NITI Aayog — Planning Commission Archive
NITI Aayog के Planning Commission Archive में Twelfth Five Year Plan सहित पुरानी पंचवर्षीय योजनाओं के मूल दस्तावेज उपलब्ध हैं।
Twelfth Five Year Plan
Twelfth Five Year Plan का व्यापक Theme Faster, More Inclusive and Sustainable Growth था और revised growth target 8% रखा गया था।
NITI Aayog
NITI Aayog का गठन 1 जनवरी 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के संकल्प द्वारा किया गया। यह Government of India के प्रमुख policy think tanks में से एक है और long-term strategy तथा cooperative federalism पर कार्य करता है।
लेखक परिचय
आरव सोलंकी (Aarav Solanki) हिंदी लेखक, कथाकार एवं ज्ञानवर्धक सामग्री लेखक हैं। वे शिक्षा, भारतीय समाज, साहित्य, सामान्य अध्ययन और समसामयिक ज्ञान से जुड़े विषयों पर सरल एवं तथ्यपरक सामग्री लिखते हैं।
यह लेख Tathagat Help के पाठकों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है।

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